तिरंगा
📅 15-08-2022 07:36 AM
👁 1 Readers
💬 0 Comments
🔁 0 Shares
कविता
<p>रहे शान से यह चमन ता क़यामतहै जैसे कि क़ायम गगन ता क़यामतवफा की निशानी मोहब्बत का सरगमहो बाकी ये गंग-व-जमन ता क़यामतभले जान मेरी जुदा जिस्म से होसलामत रहे यह वतन ता क़यामतहै बस आरज़ू यह तिरंगे का मुझकोहो मेरे नस्ल का कफ़न ता क़यामतअय अग्नि के वीरो वतन पर मारो तुमरहे मुल्क में यह चलन ता क़यामतकि मरना वतन पर कहां सबको हासिलहो तुम से ही बाकी अमन ता क़यामतबराए वतन हो मेरी जान हमज़ामेरे रब तू रखना चमन ता क़यामत</p>
<p>शहाब हमज़ा</p>
Comments (0)
Published By
More in this category
Most Popular Posts
गोला ब्लॉक के कोहड़ी ग्रामसभा मे ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सीख रहे बालक की मृत्यु
👁 168 Views
मऊ जनपद में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के निर्माण कार्याे की होगी समीक्षा
👁 116 Views
सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, COVID-19 वैक्सीन पूरे देश में मुफ्त होगी: डॉ हर्षवर्धन
👁 76 Views
ओडिशा में आज से सिनेमा घर खोलने की मिली अनुमति
👁 67 Views
रूस के गेदज़ुख मे 5.1 तीव्रता का भुकंप
👁 64 Views
