ताज़ा खबर
• ख़्वाजा अलफ़ैज़ ग्रुप द्वारा 16 जोड़ों की होगी इज्तेमाई शादी 8 दिसम्बर को• न्यू बाल उत्थान संस्था के सदस्यों द्वारा सांता बनकर बच्चे एवं बुजुर्गों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान• सदका-ए-जारीया है वृक्ष रोपण: मौलाना रमजान अमजदी• गोंडा: बुज़ुर्ग दंपति की धारदार हथियार से हत्या• मौलाना मोहम्मद शहाबुद्दीन कामिल मिस्बाही को जामिया का कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया• सहजनवा: अचानक पलट गई स्कूल की बस, 25 से 30 बच्चे थे सवार• यूपी में आज से 3 दिनों तक बारिश की चेतावनी• तेज़ रफ़्तार कार ने मार टक्कर, एक की मौत, दो घायल• गोरखपुर: यूपी के कैबिनेट मंत्री डा० संजय निषाद को अब एमपी-एमएलए कोर्ट से समन, तीन दिन में हाजिर होने का निर्देश• ब्रेकिंग न्यूज़: अग्नि कांड के बाद अब ध्वस्त होगा होटल लेवाना

कविता: जोंक

📅 10-04-2022 08:27 AM 👁 1 Readers 💬 0 Comments 🔁 0 Shares
कविता

<p>रोपनी जब करते हैं कर्षित किसान ;तब रक्त चूसते हैं जोंक!चूहे फसल नहीं चरतेफसल चरते हैंसाँड और नीलगाय…..चूहे तो बस संग्रह करते हैंगहरे गोदामीय बिल में!टिड्डे पत्तियों के साथपुरुषार्थ को चाट जाते हैंआपस में युद्ध करकाले कौए मक्का बाजरा बांट खाते हैं!प्यासी धूपपसीना पीती है खेत मेंजोंक की भाँति!अंत में अक्सर हीकर्ज के कच्चे खट्टे कायफल दिख जाते हैंसिवान के हरे पेड़ पर लटके हुए!इसे ही कभी कभी ढोता है एक किसानसड़क से संसद तक की अपनी उड़ान में!</p>
<p>कवि: गोलेन्द्र पटेलजन्मस्थान : खजूरगाँव, साहुपुरी, चंदौली, उत्तर प्रदेश</p>

Give Reaction (0)

Share (0)

Comments (0)

Published By

📰 Editor ★★★★★
H

Hindi@Hamariaawaz

📍 Faizabad

📰 1048 Posts👁 161 Readers📊 0.2 Avg Readers

Reporter of News Home

More in this category

नग़म- ए- देश भक्ति

कविता: रौशनी बन के छाई दीवाली

नग़मा-ए-दीवाली

Most Popular Posts

गोला ब्लॉक के कोहड़ी ग्रामसभा मे ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सीख रहे बालक की मृत्यु

👁 168 Views

मऊ जनपद में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के निर्माण कार्याे की होगी समीक्षा

👁 116 Views

सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, COVID-19 वैक्सीन पूरे देश में मुफ्त होगी: डॉ हर्षवर्धन

👁 76 Views

ओडिशा में आज से सिनेमा घर खोलने की मिली अनुमति

👁 67 Views

रूस के गेदज़ुख मे 5.1 तीव्रता का भुकंप

👁 64 Views

WA